:: जंध :: बालबंध के पांचवे पुत्र जंध के वंशज जंध कहलाये । जंधर कोट का निर्माण करवाया जंध हिन्दू व् मुसलमान है । ज...
:: जंध ::
बालबंध के पांचवे पुत्र जंध के वंशज जंध कहलाये । जंधर कोट का निर्माण करवाया जंध हिन्दू व् मुसलमान है । जंध हिन्दुओ के गाँव जैसलमेर के सम तहसील में सलखा कनोई वीदा आदी है । मुसलमानों के गाँव छत्रेल , कुछडी व निम्बा है । आलोजी जंझ जैसलमेर की रक्षा करते हुए जुझार हुए । इनके मंदिर सलखा . कुछडी ,जैसलमेर के डाबला के पास स्थित है । आलोजी के मंदिर के ऊपर पत्थर का छत होता है । आलोजी को हिन्दू और मुसलमान दोनों पूजते है मुसलमान इन्हें मुंडा पीर के नाम से पुकारते है
:; दोहा ::
आलोजी जी भाणसी कुंवर जैसाण धरा के राण ।
जन्मया जैसाण कारणे सलखा गाँव में आण ।।
सदर संदेशो आवियो रावल रायके के साथ ।
आलोजी गढ़ ने घेरियो आवो धरा के नाथ ।।
आलोजी जंग जुझिया सतगुरु वचन विरड ।
नयन सीने आविया जुझ्यो जंग में धड़ ।।
धन्य - धन्य वह भूमि है जहा जन्मे जुझार ।
आलोजी के नाम से पूजे जग संसार ।।
लगातार ...............................
जय श्री कृष्णा
बालबंध के पांचवे पुत्र जंध के वंशज जंध कहलाये । जंधर कोट का निर्माण करवाया जंध हिन्दू व् मुसलमान है । जंध हिन्दुओ के गाँव जैसलमेर के सम तहसील में सलखा कनोई वीदा आदी है । मुसलमानों के गाँव छत्रेल , कुछडी व निम्बा है । आलोजी जंझ जैसलमेर की रक्षा करते हुए जुझार हुए । इनके मंदिर सलखा . कुछडी ,जैसलमेर के डाबला के पास स्थित है । आलोजी के मंदिर के ऊपर पत्थर का छत होता है । आलोजी को हिन्दू और मुसलमान दोनों पूजते है मुसलमान इन्हें मुंडा पीर के नाम से पुकारते है
:; दोहा ::
आलोजी जी भाणसी कुंवर जैसाण धरा के राण ।
जन्मया जैसाण कारणे सलखा गाँव में आण ।।
सदर संदेशो आवियो रावल रायके के साथ ।
आलोजी गढ़ ने घेरियो आवो धरा के नाथ ।।
आलोजी जंग जुझिया सतगुरु वचन विरड ।
नयन सीने आविया जुझ्यो जंग में धड़ ।।
धन्य - धन्य वह भूमि है जहा जन्मे जुझार ।
आलोजी के नाम से पूजे जग संसार ।।
लगातार ...............................
जय श्री कृष्णा

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