:: बरसलपुर का गढ़ :; बरसलपुर का गढ़ मजबूत रोड़े पथ्थरों से बना हुआ है । इसके सोलह भूर्ज है । पूर्व मुखी दरवाजा है । इसमें लक्ष...
:: बरसलपुर का गढ़ :;
बरसलपुर का गढ़ मजबूत रोड़े पथ्थरों से बना हुआ है । इसके सोलह भूर्ज है । पूर्व मुखी दरवाजा है । इसमें लक्ष्मीनाथ जी व् पार्श्वनाथजी के जुड़वे मंदिर है । तीन मंदिर १ देवी महिषासुर मर्दिनी २ सांगियाजी ३ सावलदे के है । अन्य मंदिर रामदेव क्षेत्रपाल के है । रावत खेमाल के पुत्र करण को उसके वीरोचित शाहस एवं बलिदान के लिए पूगल के राव बरसिंह ने उनके पुत्र अमरसिंह को जयमलसर की अलग जागीरी प्रदान की । और रावत की पदवी प्रदान की । रावत खेमाल जी के बलिदान के कारण उनके पुत्र जेतसी को रावत से राव राव की पदवी दी बरसल के राव जेतसिंह के वंशज जेतावत खिंया कहलाये । रावत खेमाल के चोथे पुत्र धनराज के वंशज धनराजोत खिंया कहलाये । इनके वंशज बीठ नोक है । धनराज के द्वतीय पुत्र ठाकुर सी को खिंदासर की जागीरी दी । इनके वंशज खंगार के पुत्र जेतमाल जोधपुर राज्य में रहे । जेतमाल के पुत्र काना को जोधपुर द्वारा मिठडिये की जागीरी सन १६१५ ई विक्रमी संवत १७६२ में दी गयी । इस प्रकार रावत खेमाल के ३ नख १ जैतावत २ करणोत ३ धनराजोत खिंया केलण भाटी हुए । १ बरसलपुर २ जयमलसर ३ बीठनोक ४ खीदासर और जांगलू की जागीरी में लगभग एक सो गाँव है । बरसलपुर के राव १० केसरीसिंह ११ लखधीरसिंह १२ अमरसिंह १३ मानसिंह १४ साहिबसिंह १५ जीतसिंह १६ धनेसिंह १७ मोतीसिंह १८ बनेसिंह १९ प्रथ्विसिंह २० सजनसिंह । बरसलपुर के राव प्रथ्विसिंह योग्य एवं लोक प्रिय व्यक्ति थे । ये अनेक वर्षों तक कोलायत पंचायत समिति के प्रधान रह चुके । इनका देहांत ५ -८-१९८८ को हो गया । वरसलपुर के राव मोतीसिंह के पुत्र भूरसिंह भी ख्याति प्राप्त व्यक्ति थे । भारत पाक सीमा पर डाकू उन्मुलन्न अभियान राज्य सरकार और पुलिस विभाग के साथ अच्छा तालमेल रहा । दुर्भाग्य से डाकू उन्मुलन्न कार्य में डाकुओं से साथ संघर्ष में मारे गए । इनके पुत्र देवीसिंह भाटी इक्कीस वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के पर्त्यासी तथा राजस्थान के नहर मंत्री के पद पर रहे । ये जन सेवक लोक प्रिय नेता है इनकी आवाज राजस्थान विधान सभा में अनेक सामाजिक और राजनेतिक मामलों में गूंजती है । इनका विवाह आसपालसर के जाने -माने डा. रूपसिंह की पुत्री से हुआ डा . रूपसिंह सेवा निवृत के पश्चात् हनुमानगढ़ के टाउन में रहते है । वहीँ उनका निधन हुआ । इनके ३ बहिने है । वर्तमान में आप सामाजिक न्याय मंच राजस्थान के सचिव पद से सुशोभित कर रहे है और कोलायत में विधायक पद पर भी रह चुके है
लगातार ......................
जय श्री कृष्णा
बरसलपुर का गढ़ मजबूत रोड़े पथ्थरों से बना हुआ है । इसके सोलह भूर्ज है । पूर्व मुखी दरवाजा है । इसमें लक्ष्मीनाथ जी व् पार्श्वनाथजी के जुड़वे मंदिर है । तीन मंदिर १ देवी महिषासुर मर्दिनी २ सांगियाजी ३ सावलदे के है । अन्य मंदिर रामदेव क्षेत्रपाल के है । रावत खेमाल के पुत्र करण को उसके वीरोचित शाहस एवं बलिदान के लिए पूगल के राव बरसिंह ने उनके पुत्र अमरसिंह को जयमलसर की अलग जागीरी प्रदान की । और रावत की पदवी प्रदान की । रावत खेमाल जी के बलिदान के कारण उनके पुत्र जेतसी को रावत से राव राव की पदवी दी बरसल के राव जेतसिंह के वंशज जेतावत खिंया कहलाये । रावत खेमाल के चोथे पुत्र धनराज के वंशज धनराजोत खिंया कहलाये । इनके वंशज बीठ नोक है । धनराज के द्वतीय पुत्र ठाकुर सी को खिंदासर की जागीरी दी । इनके वंशज खंगार के पुत्र जेतमाल जोधपुर राज्य में रहे । जेतमाल के पुत्र काना को जोधपुर द्वारा मिठडिये की जागीरी सन १६१५ ई विक्रमी संवत १७६२ में दी गयी । इस प्रकार रावत खेमाल के ३ नख १ जैतावत २ करणोत ३ धनराजोत खिंया केलण भाटी हुए । १ बरसलपुर २ जयमलसर ३ बीठनोक ४ खीदासर और जांगलू की जागीरी में लगभग एक सो गाँव है । बरसलपुर के राव १० केसरीसिंह ११ लखधीरसिंह १२ अमरसिंह १३ मानसिंह १४ साहिबसिंह १५ जीतसिंह १६ धनेसिंह १७ मोतीसिंह १८ बनेसिंह १९ प्रथ्विसिंह २० सजनसिंह । बरसलपुर के राव प्रथ्विसिंह योग्य एवं लोक प्रिय व्यक्ति थे । ये अनेक वर्षों तक कोलायत पंचायत समिति के प्रधान रह चुके । इनका देहांत ५ -८-१९८८ को हो गया । वरसलपुर के राव मोतीसिंह के पुत्र भूरसिंह भी ख्याति प्राप्त व्यक्ति थे । भारत पाक सीमा पर डाकू उन्मुलन्न अभियान राज्य सरकार और पुलिस विभाग के साथ अच्छा तालमेल रहा । दुर्भाग्य से डाकू उन्मुलन्न कार्य में डाकुओं से साथ संघर्ष में मारे गए । इनके पुत्र देवीसिंह भाटी इक्कीस वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के पर्त्यासी तथा राजस्थान के नहर मंत्री के पद पर रहे । ये जन सेवक लोक प्रिय नेता है इनकी आवाज राजस्थान विधान सभा में अनेक सामाजिक और राजनेतिक मामलों में गूंजती है । इनका विवाह आसपालसर के जाने -माने डा. रूपसिंह की पुत्री से हुआ डा . रूपसिंह सेवा निवृत के पश्चात् हनुमानगढ़ के टाउन में रहते है । वहीँ उनका निधन हुआ । इनके ३ बहिने है । वर्तमान में आप सामाजिक न्याय मंच राजस्थान के सचिव पद से सुशोभित कर रहे है और कोलायत में विधायक पद पर भी रह चुके है
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