:: 186 महारावल मालदेव जी ( भाटी 47 ):: महारावल मालदेव जैसलमेर के राजसिंहासन पर विक्रमी संवत 1607 को ...
:: 186 महारावल मालदेव जी ( भाटी 47 )::
महारावल मालदेव जैसलमेर के राजसिंहासन पर विक्रमी संवत 1607 को विराजमान हुए | इनके 13 रानिया थी |
१ बाड़मेरी रावत पुनराज की पुत्री सती हुयी | २ बीकानेर के राव जैतसी की पुत्री राजकुंवर ३ गढ़ जोधपुर के झाला देईदास की पुत्री सूरजकँवर सती हुयी | ४ उदयपुर के राणा सिसोदिया उदेसिंह की पुत्री चैनकँवर ५ सोढा सूरजमल की पुत्री नवल कँवर ६ सिरोही के देवड़ा राव हमीर की पुत्री जैतकँवर ७ चावड़ी भीमजी की पुत्री माणकँवर सती हुयी | ८ मेड़ता के ठाकुर जेतसिंह की पुत्री लाड़कँवर 9 कल्यानपुर के चौहान राव माँडण जी की पुत्री प्रेमकंवर सती हुयी | इनकी पुत्रियाँ कनक कंवर सोन कंवर | इनके पुत्र १ण भवानी दास २ पाटवी हरराज ३ खेतसिंह ४ नारायण दास ५ सेसमल जी ६ नैतसिंह ७ डूंगरसिंह ८ पूरनमल थे | जिन्होंने अलग -अलग गाँव बसाये तथा उनके नाम साखाये चलायी जो अगले अंक में दिखाई जाएगी
लगातार .................
जय श्री कृष्णा
महारावल मालदेव जैसलमेर के राजसिंहासन पर विक्रमी संवत 1607 को विराजमान हुए | इनके 13 रानिया थी |
१ बाड़मेरी रावत पुनराज की पुत्री सती हुयी | २ बीकानेर के राव जैतसी की पुत्री राजकुंवर ३ गढ़ जोधपुर के झाला देईदास की पुत्री सूरजकँवर सती हुयी | ४ उदयपुर के राणा सिसोदिया उदेसिंह की पुत्री चैनकँवर ५ सोढा सूरजमल की पुत्री नवल कँवर ६ सिरोही के देवड़ा राव हमीर की पुत्री जैतकँवर ७ चावड़ी भीमजी की पुत्री माणकँवर सती हुयी | ८ मेड़ता के ठाकुर जेतसिंह की पुत्री लाड़कँवर 9 कल्यानपुर के चौहान राव माँडण जी की पुत्री प्रेमकंवर सती हुयी | इनकी पुत्रियाँ कनक कंवर सोन कंवर | इनके पुत्र १ण भवानी दास २ पाटवी हरराज ३ खेतसिंह ४ नारायण दास ५ सेसमल जी ६ नैतसिंह ७ डूंगरसिंह ८ पूरनमल थे | जिन्होंने अलग -अलग गाँव बसाये तथा उनके नाम साखाये चलायी जो अगले अंक में दिखाई जाएगी
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