जयपुर के शाहपुरा के गोविंदपुरा-बासड़ी निवासी शहीद रोहिताश लांबा को उनके ढाई माह के मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी. लांबा के पिता बाबूलाल ने...
17 किलोमीटर का सफर
अंतिम यात्रा आधा दर्जन गांवों से होते हुए करीब 17 किलोमीटर का सफर तय करके पांच घंटे बाद दोपहर 1:30 बजे शहीद के पैतृक गांव पहुंची. अंत्येष्टि में केंद्रीय राज्यमंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़, सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और स्थानीय विधायक आलोक बेनीवाल सहित सीआरपीएफ, पुलिस व प्रशासन के आलाधिकारी मौजूद रहे.
वहीं धौलपुर में शहीद भागीरथ सिंह को उनके तीन वर्षीय पुत्र विनय ने मुखाग्नि दी. मासूम विनय ने मुखाग्नि देकर पिता को अंतिम प्रणाम किया तो उस दौरान वहां मौजूद कई लोगों की तो रुलाई फूट पड़ी. शहीद के पैतृक गांव जैतपुरा में किए गए उनके अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग उमड़े. लोगों ने शहीद की शहादत को सलाम कर अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित की. इस दौरान लोगों ने शहीद और भारत माता के जयकारों से जैतपुरा को गूंजा दिया. शहीद के एक बेटी भी है. वह भी एक वर्ष की है.


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