जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़े एक्शन लेते हुए पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग करने की कोशिशों के साथ...
दर्जा छिनने के बाद पाकिस्तानी कारोबारियों को अब ज्यादा आयात शुल्क दोना होगा. वहां के कारोबारियों का मुनाफा कम हो जाएगा. डब्ल्यूटीओ के सदस्य होने के नाते देश खुले व्यापार और बाज़ार से बंधे हैं मगर एमएफएन के क़ायदों के तहत देशों को विशेष छूट दी जाती है. पाकिस्तानी और भारत सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, रुई, सब्जियों और कुछ चुनिंद फलों ड्राई फ्रूट्स, स्टील जैसी कमोडिटीज़ और वस्तुओं का कारोबार करते है.
क्या होता है मोस्ट फेवर्ड नेशन- इसका मतलब होता है कि हम आपके साथ जितना संबंध रखेंगे, उतना किसी और देश के साथ नहीं रखेंगे. विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्य के तौर पर हर देश को एक-दूसरे को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा देना होता है. भारत ने 1996 में पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था.
डब्लूटीओ के अनुसार, मोस्ट फेवर्ड नेशन स्टेटस का मतलब है कि कोई देश अगर व्यापार से जुड़ी बाधाएं कम करता है या अपने बाजार को खोलता है तो उसे यह सभी ट्रेडिंग पार्टनर के साथ करना होगा. कोई देश इस मोर्चे पर ट्रेडिंग पार्टनर के बीच भेदभाव नहीं कर सकता है. इसका मतलब है कि मोस्ट फेवर्ड नेशन स्टेटस के तहत पाकिस्तान के व्यापारियों को वे सभी रियायतें मिल रहीं थी, जो भारत दूसरे देशों को देता है.
क्या-क्या एमएफ़एन दर्जा मिलने वाले देश को व्यापार संबंधी सुविधाएं मिल जातीं हैं. व्यापार संबंधी फ़ायदों का मतलब कम कीमतें और आयत को बढ़ावा देने वाले कदम होता है.विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लूटीओ के सदस्य देश आपस में एक दूसरे को एमएफ़एन का दर्जा दे सकते हैं.इसके तहत अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का पालन करना होता है और आम धारणा ये है कि आर्थिक रूप से थोड़े कमज़ोर देशों की अर्थव्यवस्थाओं को इससे लाभ पहुंच सकता है.






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